पिस्तौल और एक राउंड गोली बरामद
साहेबगंज पुलिस कर रही जांच
दिनहाटा (निज संवाददाता)। उत्तर बंगाल के दिनहाटा 2 नंबर ब्लॉक अंतर्गत खोंचाबाड़ी बाजार क्षेत्र से गुरुवार रात साहेबगंज थाना की पुलिस ने अवैध हथियार के साथ एक व्यक्ति को गिरक्रतार किया। आरोपी की पहचान कार्तिक बर्मन (49 वर्ष) के रूप में हुई है। उसके पास से एक 7.66 एमएम की पिस्तौल और एक राउंड जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार रात कार्तिक बर्मन खोंचाबाड़ी बाजार इलाके में पिस्तौल और गोली के साथ संदिग्ध रूप से घूम रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर साहेबगंज थाने की एक टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध को चारों ओर से घेरकर गिरक्रतार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को उसकी जेब से एक पिस्तौल और एक जिंदा गोली मिली। इसके बाद आरोपी को थाने ले जाया गया और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को उसे दिनहाटा कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उसे सात दिन की हिरासत में लेने की मांग की।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कार्तिक बर्मन यह पिस्तौल कहां से लाया और उसके पास रखने का उद्देश्य क्या था। शुरुआती जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि मामला केवल व्यक्तिगत नहीं है, इसके पीछे कोई राजनीतिक या आपराधिक मकसद भी हो सकता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में दिनहाटा और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध हथियारों की बरामदगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यहां की राजनीतिक गतिविधियों में भी अक्सर अवैध हथियारों का इस्तेमाल होता रहा है। पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान दिनहाटा के कई इलाकों में बमबाजी, लाठीचार्ज और गोलीबारी की घटनाएं हुई हैं। पिछले पंचायत चुनाव के दौरान एक युवक की गोली लगने से मौत भी हो चुकी है। सिर्फ राजनीतिक उद्देश्य ही नहीं, बल्कि सीमा से सटे इलाकों में तस्करी जैसे संगठित अपराधों में भी तस्कर ऐसे अवैध हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। साहेबगंज थाना पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि जिस पिस्तौल को बरामद किया गया है, वह किन उद्देश्यों से लाया गया था और इसके पीछे कौन-कौन शामिल हो सकते हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कार्तिक बर्मन से कड़ी पूछताछ की जा रही है और उसके किसी आपराधिक गिरोह या राजनीतिक संगठन से संबंध की भी जांच की जा रही है। इस घटना से एक बार फिर दिनहाटा क्षेत्र में अवैध हथियारों की बढ़ती समस्या और उससे जुड़े संभावित खतरों पर चिंता गहरा गई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों पर इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।



