Wednesday, September 9, 2026
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पहाड़ों में आपदा प्रबंधन के लिए 354 करोड़ रुपये मंजूर, सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा- जीटीए में भ्रटाचार की होगी जाँच

कोलकाता,। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के लिए 354 करोड़ रुपये मंजूर करने की घोषणा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा को यह राशि गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) को जारी करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

अधिकारी ने सिलीगुड़ी स्थित उत्तरकन्या से कलिम्पोंग के लोगों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए यह घोषणा की। खराब मौसम के कारण उनका कलिम्पोंग का हेलीकॉप्टर से प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने वीडियो माध्यम से लोगों से संवाद किया और बातचीत के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंजूर की गई राशि का इस्तेमाल पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और उससे जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, मिरिक और कर्सियांग के लोगों से पड़ोसी नेपाल की स्थिति और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करेगी तथा अधिकारियों और राहत-बचाव दलों को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा जाएगा। तीस्ता में आई बाढ़ के अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में बाढ़ या किसी अन्य आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए अर्जुन वाहिनी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल और सेना समेत सभी जरूरी एजेंसियों को तैयार रखा जाएगा।

अधिकारी ने कहा कि जीटीए में नवनियुक्त प्रशासक स्मृतिरंजन मोहंती के नेतृत्व में फिलहाल पहाड़ों में विकास कार्य जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि मोहंती दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में विकास कार्य शुरू करने से पहले निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे और उनकी सलाह लेंगे। जिन जीटीए सदस्यों ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है, उनसे भी विकास संबंधी मामलों में विचार-विमर्श किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कलिम्पोंग में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी 6 अक्टूबर को कलिम्पोंग के दौरे के दौरान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की आधारशिला रखी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जीटीए के लिए आवंटन को बढ़ाकर लगभग दोगुना किया गया है। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के विकास पर सरकार के विशेष जोर का संकेत देते हुए कहा कि जीटीए में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की भी जांच की जाएगी।

अधिकारी ने बताया कि अनियमितताओं की जांच के लिए न्यायमूर्ति विश्वजीत बसु की अध्यक्षता में पहले ही एक समिति गठित की जा चुकी है और आईपीएस अधिकारी के. जयरामन भी इस प्रक्रिया से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि जीटीए में भ्रष्टाचार की जांच शुरू हो चुकी है और भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लेपचा विकास बोर्ड और तमांग विकास बोर्ड में अनियमितताओं की भी जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की बात कही।

मुख्यमंत्री ने 4 अक्टूबर, 2025 को हुए भूस्खलन में बेघर हुए 73 परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। मंगलवार को राशि मंजूर कर दी गई, ताकि प्रभावित परिवार अपने घरों का पुनर्निर्माण कर सकें।

वर्चुअल संवाद के दौरान अधिकारी ने गोरखालैंड आंदोलन से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में मंत्रिमंडल फैसला करेगा। उन्होंने ऐसे मामलों में दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी बात कही।

पहाड़ों के स्थायी राजनीतिक समाधान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ दिन पहले सिलीगुड़ी में बैठक की थी और इस मुद्दे का समाधान किया जाएगा।

कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए अधिकारी ने कहा कि अन्नपूर्णा योजना की अगली किस्त 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कलिम्पोंग के नए पात्र लाभार्थियों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने सांसद राजू बिष्ट और विधायक भरत छेत्री को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और पीएम सूर्य घर योजना का भी उल्लेख किया तथा प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पात्र लोगों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों के लिए शिक्षा और रोजगार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के संकेत देते हुए कहा कि विशेष रूप से ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण रखा जाएगा।

अधिकारी ने कहा कि वह अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के दौरान उत्तर बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान उनके कूचबिहार और जलदापाड़ा जाने की भी संभावना है। वह 2 अक्टूबर को बक्सा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन को जंगल में छोड़े जाने से जुड़े कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके बाद उनके दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जाने का कार्यक्रम है।

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