वाङ्क्षशगटन/नयी दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत फिर से शुरू करेंगे और इसी के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात करने की इच्छा जताई।
अमेरिका की ओर से भारत पर लगाये गये भारी आयात शुल्क के बावजूद भी भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर सकारात्मक प्रगति का रुख देखने को मिल रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने-अपने देशों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आने वाले हफ्तों में वार्ता को सफल नतीजे तक पहुंचाया जाए।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, Þमुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी है। मैं अपने बहुत अच्छे मित्र पीएम मोदी से आने वाले हफ्तों में बातचीत करने की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि दोनों देशों के लिए यह वार्ता सफल निष्कर्ष तक पहुंचेगी।Þ
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि भारत का एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमेरिका रवाना हो सकता है। यह दल दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं पर चर्चा करेगा और ऐसा समझौता सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा जो दोनों देशों के लिए व्यापार की स्थिति सामान्य बनी रहे।
भारत के प्रधानमंत्री ने भी अपने अधिकारियों को व्यापार समझौते पर आगे बढऩे का निर्देश दे रहे हैं।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, Þभारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएँ भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। हमारी टीमें इन चर्चाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही हैं। मैं राष्ट्रपति ट्रम्प से बातचीत के लिए भी उत्सुक हूँ। हम दोनों देशों के लोगों के लिए एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।Þ
गौरतलब है कि अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल 17-18 सितंबर को भारत जायेगा। इस दौरान 6 पी8आई पनडुब्बी रोधी विमान को लेकर भारतीय ङ्क्षचताओं को दूर किया जाएगा। इसी महीने दोनों देश 113 जीई-404 विमान इंजन खरीद समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगे, जो तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान को मजबूती देगा।
इससे पहले अमेरिका के द्वारा भारत को लेकर कुछ आलोचनात्मक बयानबाजी हुई है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के रिश्ते सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।



