जलपाईगुड़ी। शीतकाल की शुरुआत के साथ ही गाजोलडोबा में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। देश-विदेश से आने वाले सैकड़ों पक्षियों ने गाजोलडोबा के तीस्ता बैराज इलाके में डेरा डाल लिया है, जिससे यह पर्यटन केंद्र और भी आकर्षक बन गया है।
जानकारी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका, साइबेरिया सहित विभिन्न देशों से कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी हर साल सर्दियों में यहां आते है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल ‘भोरेर आलो’ क्षेत्र के आसपास इन पक्षियों की मौजूदगी से पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। खासतौर पर शीतकाल में प्रवासी पक्षियों के कारण यह इलाका पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन जाता है। पर्यटक नौकाविहार के जरिए नजदीक से इन दुर्लभ और खूबसूरत पक्षियों को देख रहे है। नौका चालक ही पर्यटकों के लिए गाइड की भूमिका निभाते हुए पक्षियों की पहचान और उनके नाम की जानकारी भी दे रहे है। इससे पर्यटक न केवल पक्षी दर्शन कर रहे है, बल्कि विभिन्न प्रजातियों के बारे में भी जान पा रहे है। नौका चालकों का कहना है कि सर्दी शुरू होते ही बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी गाजोलडोबा पहुंचने लगते है। इन्हें देखकर पर्यटक काफी खुश होते हैं। इस मौसम में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से उन्हें भी अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है।



