सिलीगुड़ी। विश्व कप जीत महिला क्रिकेट में नई लहर लाएगी। पहले की तुलना में अब महिला क्रिकेट को लेकर लोगों में उत्साह है। माता-पिता अपने बच्चों को लेकर महिला क्रिकेट देखना शुरू किया है। इस जीत ने आने वाले समय में बदलाव लाएगा, इसलिए यह ट्रॉफी जीतना बहुत जरूरी था। विश्व कप जीतने के बाद पहली बार सिलीगुड़ी अपने घर आकर रिचा ने यह बात कही। शुक्रवार दोपहर बागडोगरा एयरपोर्ट से सिलीगुड़ी अपने घर पहुंचने के बाद रिचा घोष ने पत्रकारों से बात की।
इस दौरान रिचा ने कहा कि उन लोगों का एक मात्र लक्ष्य विश्व कप जीतना था। अब उनका अगला लक्ष्य टी 20 विश्व कप जीतना है। इस दौरान रिचा ने सिलीगुड़ी में क्रिकेट स्टेडियम की जरूरत की बात कही। रिचा ने कहा कि जब वह बचपन में खेलना शुरू किया, तब लडक़ों के साथ खेलती थी। तब ज्यादा कुछ समझ नहीं थी। जब पहली बार जिला टीम में जगह मिली थी उस समय वह भारत के लिए खेलने का सपना देखा। इसके बाद अंडर-19 विश्व कप, डब्ल्यूपीएल जीत और अब सीनियर विश्व कप जीत अनुभव शब्दों में बयां नहीं किए जा सकते हैं। उनकी टीम टूर्नामेंट की शुरुआत से ही आश्वस्त थी कि वह चैंपियन बनेंगे, क्योंकि हर खिलाड़ी की प्रैक्टिस और टीम स्पिरिट कमाल की थी। लगातार तीन मैच हारने के बाद भी टीम ने हार नहीं मानी। आखिरकार ट्रॉफी हमारे हाथ लगा। उन्होंने आगे कहा कि अब न सिर्फ सिलीगुड़ी, बल्कि पूरे देश में महिला क्रिकेट में नये बदलाव आएगा। बहुत-सी लड़कियां अब क्रिकेट खेलेंगी और लोग भी महिला क्रिकेट देखना शुरू करेंगे। वह चाहती हैं कि क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों का भी विकास हो, इसलिए शहर में एक खेल स्टेडियम की सत जरूरत है। स्टेडियम बन जाने से नई प्रतिभाएं आगे आ सकेंगे और भारत के लिए खेलेंगे।
रिचा घोष ने इस मौके पर बीसीसीआई की भूमिका की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, बीसीसीआई महिला क्रिकेट को शानदार सहयोग दे रही है। डब्ल्यूपीएल की शुरुआत ने कई नई महिला क्रिकेटरों को आगे आने का मौका दिया है। इसके लिए रिचा ने बीसीसीआई को धन्यवाद दिया। रिचा ने कहा कि विश्व कप जीत कर अपने घर आने पर लोगों का प्यार देख वह काफी खुश है।



