वेस्ट बंगाल माइग्रेंट वर्कर्स यूनियन ने उठायी मांग
एसडीओ को सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में सौंपा ज्ञापन
दिनहाटा (संवाददाता)। राज्य में रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां के श्रमिकों एवं कामगारों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। वहां नौकरी के दौरान उन्हें तरह-तरह की प्रताड़नाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में, इसका विरोध करते हुए वेस्ट बंगाल माइग्रेंट वर्कर्स यूनियन की ओर से आज मजदूरों की सुरक्षा की मांग को लेकर दिनहाटा महकमा शासक के कार्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया गया। बाद में संगठन की ओर से एसडीओ को ज्ञापन भी दिया गया।
इस दिन के कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के जिला सचिव सुबोध चक्रवर्ती, सीटू जिलाध्यक्ष प्रबीर पाल, अभिनव राय, दीपक पाल, कौशिक राय, तापस चौधरी और अन्य नेताओं ने किया।
इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान अपने वञ्चतव्य में संगठन के नेताओं ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान इस राज्य में कोई औद्योगिक कारखाना नहीं लगा, बल्कि कई पुराने कारखाने भी बंद हो गए हैं। परिणामस्वरूप बेरोजगारी की समस्या वर्षों से बढ़ती जा रही है। इसलिए काफी सारे लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। हालांकि, वहां जाने के बाद इन प्रवासी मजदूरों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है इसलिए सरकार को इन प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा का प्रबंध करना चाहिए।
संगठन नेताओं ने यह भी कहा कि 1979 में प्रवासी श्रमिकों के लिए प्रवासी श्रमिक अधिनियम पारित किया गया था। हालांकि, उस कानून का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। परिणामस्वरूप, प्रवासी श्रमिक अपने उचित वेतन से वंचित हो रहे हैं। ऐसे में, प्रवासी श्रमिकों के हित में इस कानून को तत्काल लागू करना आवश्यक है।
वहीं, आज संगठन द्वारा महकमा शासक को सात मांगों वाला एक मांग पत्र सौंपा गया। इस दौरान, संगठन नेताओं ने महकमा शासक कार्यालय के अधिकारियों की लंबी चर्चा भी हुई। प्रशासन ने संगठन नेताओं को उनकी मांगें उच्चाधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया।
इससे पहले, दिनहाटा के रंगपुर रोड स्थित सीटू कार्यालय से एक जुलूस निकाला गया जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए महकमा शासक कार्यालय परिसर पहुंचा।



