कूचबिहार (निज संवाददाता)। उत्तर बंग विकास मंत्री उदयन गुहा ने असम-बंगाल सीमा पर बीजेपी के खिलाफ आज तीखा हमला बोला । रविवार को असम-बंगाल सीमा के जोराई मोड़ पर तृणमूल कांग्रेस ने एक सभा का आयोजन किया। इस सभा में उत्तर बंग विकास मंत्री उदयन गुहा ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उल्लेखनीय है कि एनआरसी के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करने के लिये आज कूचबिहार जिले के बंगाल-असम सीमा पर तृणमूल नेतृत्व और कार्यकर्ताओं ने विक्षोभ कार्यसूची का आयोजन किया।
सभा को संबोधित करते हुए मंत्री उदयन गुहा ने कहा कि जो लोग बांग्ला में बात करते हैैं, उन्हें भी बीजेपी रोहिंग्या कह रही है। जबकि वे जानते तक नहीं कि रोहिंग्या लोग बांग्ला नहीं बोलते। असम में 12 लाख हिंदुओं का नाम असम सरकार ने हटाये है। दरअसल, बीजेपी बांग्ला और बंगालियों की दुश्मन है। अब समय आ गया है कि धर्म भूलकर सभी को बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
इसी सभा में कोचबिहार के तृणमूल सांसद जगदीश चंद्र वर्मा बसुनिया ने भी बीजेपी और असम सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि इस राज्य के किसी भी नागरिक के घर में असम सरकार की ओर से कोई नोटिस न पहुंचे, इसका खास ध्यान रखा जाए।
गौरतलब है कि हाल ही में असम सरकार ने पश्चिम बंगाल के कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों के तीन नागरिकों को एनआरसी नोटिस भेजा है। इसके खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है।
सांसद जगदीश बसुनिया ने असम के मुक्चयमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा को भी निशाने पर लेते हुए तंज कसा और उन्हें बीजेपी का पोस्टर बॉय कहकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि सब जानते है उन्होंने क्यों बीजेपी जॉइन की, अब वे भाजपा के पोस्टर बॉय हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश के नागरिकों के पैसों से प्रधानमंत्री विदेश यात्रा कर रहे हैं, लेकिन संसद में उनकी उपस्थिति नहीं के बराबर है।
वहीं, तृणमूल के कूचबिहार ज़िला अध्यक्ष अभिजीत दे भौमिक ने अपने भाषण में कहा कि असम सरकार जानबूझकर पश्चिम बंगाल के नागरिकों को एनआरसी के नाम पर नोटिस भेज रही है। यह पूरी तरह से संविधान विरोधी और बंगालियों के प्रति विद्वेषपूर्ण कार्रवाई है। हम इस अन्याय का पुरजोर विरोध करते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के दिनहाटा निवासी उत्तम कुमार ब्रजवासी और माथाभांगा के निवासी निशिकांत दास को असम सरकार द्वारा एनआरसी नोटिस भेजा गया है।
तृणमूल नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे नोटिस तुरंत वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। रविवार को कूचबिहार-असम के बक्शीरहाट सीमा क्षेत्र में बड़ी संक्चया में तृणमूल के कार्यकर्ता और समर्थक जुटे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस एनआरसी के मुद्दे को हथियार बनाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रही है।