Wednesday, April 29, 2026
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मिथुन चक्रवर्ती ने तृणमूल नेता कुणाल घोष पर किया 100 करोड़ का मुकदमा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 2026 में आसन्न विधान सभा चुनाव काे लेकर दाे प्रमुख दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल कांग्रेस) लगातार एक दूसरे पर आराेप-प्रत्याराेप लगाते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अभिनेता से नेता बने बालीवुड स्टार मिथुन चक्रवर्ती और तृणमूल के पूर्व राज्यसभा सांसद कुणाल घाेष के बीच देखने काे मिला। भाजपा नेता और बालीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष पर 100 करोड़ रुपये का मानहानि मामला दायर किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कुणाल ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले से घबराने वाले नहीं हैं, बल्कि इसे उसी तरह लड़ेंगे जैसे उन्होंने सारदा चिटफंड जांच के दौरान किया था। उन्होंने इसे ‘राजीव कुमार मॉडल’ नाम दिया है। साल 2019 में सारदा घोटाले की जांच के दौरान कुणाल घोष ने सीबीआई से आग्रह किया था कि उन्हें तत्कालीन पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाए। सीबीआई ने उनकी मांग मान ली और शिलॉन्ग में दोनों की आमने-सामने पूछताछ हुई। अब वही तरीका अपनाने की बात कुणाल मिथुन मामले में भी कह रहे हैं।

कुणाल का कहना है, “मैं अदालत से कहूंगा कि मुझे मिथुन दा के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाए। वहां सीबीआई के एसपी भी मौजूद रहें। मेरे पास ऐसे गवाह हैं जो कोर्ट में पेश होकर मिथुन दा की स्थिति कमजोर कर देंगे।”
मिथुन चक्रवर्ती का आरोप है कि कुणाल घोष ने राजनीतिक प्रतिशोध की वजह से उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे और आपत्तिजनक बयान दिए। मिथुन ने कहा है कि कुणाल ने उन्हें चिटफंड कांड से जोड़ते हुए बदनाम किया, यह भी कहा कि उन्होंने तृणमूल छोड़कर भाजपा का दामन केवल खुद को बचाने के लिए थामा। मिथुन का यह भी आरोप है कि कुणाल ने उनके बेटे को बलात्कार मामले से जोड़कर झूठ फैलाया और उनकी पत्नी पर भी गलत वित्तीय लेन-देन का आरोप लगाया, जबकि ये सभी बातें पूरी तरह झूठी हैं। मानहानि का नोटिस अभी तक कुणाल को नहीं मिला है, लेकिन वे दस्तावेज तैयार करने में जुट गए हैं। सारदा और रोजवैली जैसे चिटफंड मामलों में मिथुन के वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागज वह जुटा रहे हैं। कुणाल ने शुक्रवार दोपहर कहा, “अभिनेता मिथुनदा को प्रणाम। एक समय हमारा रिश्ता बड़े भाई- छोटे भाई जैसा था, लेकिन अब उन्होंने जो कड़वाहट शुरू की है, उसका अंजाम वे देखेंगे। यह तैयारी नहीं, बल्कि चुनौती है और मैं इसे स्वीकार कर रहा हूं।”

बताया जाता है कि साल 2011 तक मिथुन और कुणाल के बीच घनिष्ठ संबंध थे। उसके बाद दोनों की राहें अलग हो गईं और राजनीतिक टकराव बढ़ता गया। अब मानहानि का मामला इस रिश्ते में और तल्खी लेकर आया है। कुणाल ने साफ किया है कि वे कोर्ट में खुलकर लड़ाई करेंगे।

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