नागराकाटा (संवाददाता)। गांव में घुसे हाथियों को भगाने गये वन कर्मियों के पीछे जंगली हाथियों का एक झुंड उनके फॉरेस्ट कम्पाउंड में ही घुस गया। सोमवार रात में नागराकाटा के खैरकाटा बीट ऑफिस में हुई इस घटना में 20-25 छोट-बड़े जंगली हाथियों का झुंड बीट ऑफिस कम्पाउंड में प्रवेश कर उत्पात मचाने लगा। उस समय वहां केवल एक वन कर्मी का परिवार मौजूद था। बाद में खबर मिलने पर जंगल में गये अन्य वन कर्मी वहां पहुंचे और हाथियों को वापस जंगल में खदेड़ा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही खैरकाटा बीट इलाके में तेंदुए ने एक बच्चे को नोच कर मार डाला था। तब से वनकर्मी रात में खैरकाटा बीट इलाके में गश्त कर रहे हैं। सोमवार को भी वनकर्मी गश्त पूरी कर बीट ऑफिस लौट आए। लेकिन खैरकाटा बीट से खबर आई कि एक हाथी धान खाने के लिए गांव में घुस आया है। खबर मिलते ही पांच वनकर्मी हाथियों को भगाने के लिए फिर से खैरकाटा बीट के जंगल पहुंचे। उस समय, खैरकाटा बीट ऑफिस में सिर्फ सुरेन राभा नामक एक वनकर्मी का परिवार ही रह गया था।
डायना रेंज के रेंजर आशीष पाल ने बताया कि वनकर्मियों के जाते ही 20-25 हाथियों का झुंड एक-एक कर बीट ऑफिस परिसर में घुस गया। झुंड के साथ मौजूद हाथियों के बच्चे कम्पाउंड में इधर-उधर खेलने और चिल्लाने लगा। हाथियों की तेज आवाज सुनकर वन कर्मी सुरेन राभा का परिवार घर से बाहर आया और देखा कि हाथियों का एक झुंड उनके परिसर में घुस आया है। यह देख कर वे घबरा गये। हालांकि, भयभीत होने के बावजूद उन्होंने हाथियों के झुंड को कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। उसके बाद, जंगल से वन कर्मियों ने आकर पटाखे आदि फोडक़र हाथियों के झुंड को वापस जंगल में खदेड़ दिया।
दूसरी ओर, रात की इस घटना के बाद आज दिन में भी माल ब्लॉक के पश्चिम डामडिम ग्राम पंचायत इलाके में जंगली हाथियों के एक समूह ने एक धान खेत पर धावा बोल कर कई बीघा खेत में लगी फसल खा ली। इस दौरान, स्थानीय निवासियों की हॉर्न बजा कर और शोर मचा कर हाथियों को वापस भगाने की कोशिश नाकाम रही। फिर, खबर मिलने पर वन कर्मियों ने वहां पहुंच कर हाथी को दोपहर 1 बजे तक जंगल में वापस खदेड़ दिया।



