सिलीगुड़ी (निज संवाददाता)। सिलीगुड़ी की क्रिकेट सनसनी रिचा घोष शुक्रवार को अपने गृहनगर लौटीं तो पूरा शहर उनके स्वागत में सज-धज कर खड़ा हो गया। बागडोगरा हवाई अड्डे से लेकर बाघायतीन पार्क तक ऐसा स्वागत हुआ कि बॉलीवुड के किसी मेगा स्टार को भी मात दे जाए। सिलीगुड़ी नगर निगम ने उन्हें सर्वोच्च ‘नागरिक सक्वमान’ से नवाजा, जबकि 130 से अधिक सामाजिक, खेल, व्यापारिक एवं महिला संगठनों ने उन्हें सक्वमानित किया। सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने नगर निगम की ओर से रिचा को सोने का बे्रसलेट, हाथ घड़ी एवं ट्राली बैग के साथ मानपत्र प्रदान किया। इसके साथ ही मेयर गौतम देव ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भेजे गये शुभकामना संदेश प्रदान किया। समारोह शुरू होने से पहले विश्व कप खेल में रिचा की शानदार बल्लेबाजी के क्षणों को स्क्रीन पर दिखाया गया। इससे पहले अपराह्नï में जैसे ही रिचा का विमान बागडोगरा पहुंचा, तिरंगों और ‘वेलकम रिचा’ के पोस्टरों से पटे हवाई अड्डे पर वेलकम रिचा का नारा गूंज उठा। मेयर गौतम देव स्वयं उन्हें लेने पहुंचे। खुली जीप में सवार रिचा, उनके पिता मानवेन्द्र घोष और मेयर गौतम देव, डिप्टी मेयर रंजन सरकार, सिलीगुड़ी महकमा परिषद के सभाधिपति अरूण घोष के साथ भव्य रैली के रूप में शहर की सडक़ों पर निकलीं। विभिन्न सडक़ों से होती हुई रैली उनके आवास तक पहुंची। हजारों लोग सडक़ के दोनों किनारों पर खड़े होकर रिचा… रिचा… के नारे लगा रहे थे। बच्चे एवं बाल खिलाडिय़ों द्वारा फूल बरसाये जा रहे थे, तो बुजुर्ग आशीर्वाद दे रहे थे।
रिचा के घर से बाघयतीन पार्क तक पूरे रास्ते पर लाल कालीन बिछाया गया था। रिचा के स्वागत में फायर रैक्वप की भी व्यवस्था की गई थी। रिचा जब अपने घर से समारोह स्थल के लिए रवाना हुई, तो पुलिस की बैंड के धुन के साथ छोटे-छोटे लडक़े एवं लड़कियों ने बल्ले के साथ उनका स्वागत किया। पार्क में आयोजित भव्य समारोह में मेयर गौतम देव ने कहा, रिचा ने सिलीगुड़ी का नाम विश्व पटल पर चमकाया है। यह नागरिक सक्वमान उनकी मेहनत का छोटा-सा प्रतिफल है। हम गर्व करते हैं कि सिलीगुड़ी की बेटी ने देश को गौरवान्वित किया।
इस समारोह में 130 संगठनों ने रिचा को सम्मानित किया। समारोह में सिलीगुड़ी के तमाम व्यवसायिक, वाणिज्यिक, खेल संगठनों, समाजसेवा संगठनों, एनजीओ, क्लब सहित 130 से अधिक संगठनों ने रिचा को शॉल, स्मृति चिह्न, स्वर्ण निर्मित उपहार और प्रशस्ति पत्र भेंट किए। रिचा की मां सपना घोष की आंखें गर्व से भर आईं, जबकि पिता मानवेन्द्र घोष ने कहा, यह सम्मान रिचा का नहीं, सिलीगुड़ी की हर उस बेटी का है, जो सपने देखती है। मंच पर बोलते हुए रिचा ने कहा कि सभी के प्यार पाकर वह बेहद भाव विभोर है। इसके लिए छोटे से लेकर बड़े सञ्जाी को उसने धन्यवाद दिया। बच्चों के लिए उसने कहा कि तुम लोग जो-जो क्रिकेट खेलते हो मन लगाकर खेलो। उसने अभिभावकों से भी कहा कि वे भी बच्चों को खेल-कूद के मामले में सपोर्ट करें। काफी देर तक चलने वाले इस समारोह में ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और ‘वंदे मातरम’ के गूंजते स्वरों ने साबित कर दिया कि सिलीगुड़ी की बेटी अब सिर्फ रिचा घोष नहीं, शहर की ‘शान’ बन चुकी है।



