कोलकाता। विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा है कि राज्य में हर महीने सात करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। गुरुवार सुबह माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘खाद्यासाथी’ योजना के तहत करीब नौ करोड़ लोगों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है। इनमें से लगभग सात करोड़ पचास लाख लोगों को ‘दुआरे राशन’ पहल के माध्यम से घर-घर राशन पहुंचाया जा रहा है, जबकि बाकी लाभार्थी अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी राशन दुकानों से खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा, काली पूजा, छठ पूजा और रमजान जैसे पर्वों के दौरान जरूरतमंद परिवारों को चीनी, आटा और (रमजान के समय) चना रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मां’ परियोजना के तहत गरीब वर्ग के लोगों को मात्र पांच रुपये में पौष्टिक भोजन मुहैया कराया जा रहा है। वर्तमान में राज्यभर में 356 ‘मां कैंटीन’ संचालित हैं, जिनसे अब तक आठ करोड़ अठावन लाख लोगों को लाभ मिला है। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि ‘खाद्यासाथी’ परियोजना के लिए इस वर्ष राज्य सरकार ने सोलह लाख पचास हजार किसानों से कुल 56.33 लाख टन धान की सीधे खरीद की है, जिससे किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित हुआ है।इसके साथ ही, राज्य सरकार ने ‘सुफल बांग्ला’ ब्रांड के तहत 745 उचित मूल्य की दुकानें खोली हैं, जहां जरूरतमंदों को बाजार दर से कम कीमत पर सब्जियां और फल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब इन केंद्रों पर मछली भी सुलभ दरों पर बेची जा रही है तथा जनता की सुविधा के लिए ऐसे आउटलेट्स की संख्या और बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “राज्य सरकार का लक्ष्य हर व्यक्ति के लिए भोजन के अधिकार को सुनिश्चित करना है और यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”



