मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि भारत तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है। रिलायंस 125 अरब डॉलर का राजस्व पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में देश को 2.1 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कंपनी अपने ही रिकॉर्ड तोड़ती रहेगी और भारत के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
मुकेश अंबानी मुंबई में आरआईएल की 48वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित कर रहे थे। आरआईएल प्रमुख ने कहा कि किसी भी भारतीय कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है कि कंपनी ने रिकॉर्ड मुनाफा और राष्ट्र के लिए योगदान भी दर्ज किया है। मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस ने वित्त वर्ष 2024-25 में देश को 2.1 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया। समूह की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो 2026 की पहली छमाही तक अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि जियो अब विदेशों में कारोबार विस्तार करने के साथ अपनी खुद की कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकी भी विकसित करेगी।
रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है। मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 202425 में कुल समेकित राजस्व में 10,71,174 करोड़ रुपये (125.3 अरब अमरीकी डॉलर) हासिल किया। भारत के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी कंपनी ने वार्षिक आय के इस स्तर को पार किया है। उन्होंने कहा कि रिलायंस ने 1,83,422 करोड़ रुपये (21.5 अरब अमेरिकी डॉलर) का एबिटा और 81,309 करोड़ रुपये (9.5 अरब अमेरिकी डॉलर) का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। कंपनी का निर्यात 2,83,719 करोड़ रुपये (33.2 अरब अमेरिकी डॉलर) रहा, जो भारत के कुल वस्तु निर्यात में 7.6 फीसदी का योगदान देता है।
आरआईएल प्रमुख मुकेश अंबानी ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत उभर रहा है और इसे कोई रोक नहीं सकता। मुकेश ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में रिलायंस ने अपने कारोबार में 5.6 लाख करोड़ रुपये (65.5 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक का निवेश किया है।मुकेश अंबानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में रिलायंस ने राष्ट्रीय खजाने में 2,10,269 करोड़ रुपये (24.6 अरब अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया और देश का सबसे बड़ा करदाता बन गया। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में कंपनी का सरकार को कुल योगदान 10 लाख करोड़ रुपये (117 अरब अमेरिकी डॉलर) को पार कर गया है।
रिलायंस प्रमुख ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों पर 2,156 करोड़ रुपये (252 मिलियन अमेरिकी डॉलर) खर्च किए। उन्होंने बातया कि पिछले तीन वर्षों में, इसका कुल सीएसआर खर्च 5,000 करोड़ रुपये (585 मिलियन अमेरिकी डॉलर) को पार कर गया है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा मिला है। मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस रोज़गार सृजन पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है। वर्तमान में, कंपनी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के कर्मचारियों सहित लगभग 6.8 लाख लोगों को रोज़गार देती है। आने वाले वर्षों में यह संख्या बढ़कर 10 लाख से ज़्यादा होने की उम्मीद है।