नक्सलबाड़ी (निज संवाददाता)। सीमा पर इस बार एक इंडोनेशियाई महिला गिरफ्तार हुई। उसकी हिरासत से इंडोनेशिया के दो अलग-अलग नामों वाले पहचान पत्र के साथ भारतीय आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद किए गए। इससे उसके अवैध प्रवेश को लेकर खुफिया विभाग का शक और गहरा हो गया है। महिला के बयान में भी कई विरोधाभास पाए गए। लगातार बांग्लादेशी नागरिकों की गिरक्रतारी के बीच इस बार खोरीबाड़ी के इंडो-नेपाल बॉर्डर स्थित पानीटंकी से एक इंडोनेशियाई महिला पकड़ी गई।
गिरफ्तार महिला के पास से इंडोनेशिया के दो पहचान पत्र बरामद हुए, जिनमें अलग-अलग नाम लिखे हैं। इसके अलावा भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड, निजी बैंक का एटीएम, भारतीय समाप्त हो चुका वीजा और नेपाल का टूरिस्ट वीजा भी बरामद हुआ। एसएसबी सूत्रों के अनुसार नेपाल जाने के लिए सीमा पर खुद को भारतीय नागरिक नियोमान मुर्नी बताकर पेश किया। एसएसबी को जब उसने आधार कार्ड दिखाकर सीमा पार करने की कोशिश की तो शक हुआ। बाद में उसकी तलाशी में इंडोनेशियाई दस्तावेज बरामद हुए। उसके इंडोनेशियाई कागजात में नाम नियोमान मुर्नी और नि कादेक सिसियानी दर्ज है। वहीं आधार और पैन कार्ड पर नियोमान मुर्नी लिखा है। उसके पास से मिला भारतीय वीजा 22 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुका है, जबकि नेपाल का टूरिस्ट वीजा आज 5 सितंबर को समाप्त होने वाला था। सूत्रों के मुताबिक, वह लंबे समय से भारतीय आधार कार्ड के सहारे मुंबई के बोरीवली इलाके में रह रही थी और वहां से कई जगहों की यात्रा करती थी। हाल ही में भारतीय वीजा न मिलने पर वह इंडोनेशिया से नेपाल के टूरिस्ट वीजा पर काठमांडू पहुंची। वहां से भारतीय आधार कार्ड दिखाकर सीमा पार करके बागडोगरा एयरपोर्ट से कोलकाता होते हुए मुंबई गयी। कल मुंबई से बागडोगरा होते हुए नेपाल जाने की कोशिश में वह गिरफ्तार हो गई।
पूछताछ में महिला ने माना कि वह भारत के अलावा तुर्की भी आती-जाती रही है। साथ ही यह भी कबूल किया कि आधार और पैन कार्ड उसने बिचौलियों के जरिए बनवाए थे। उसके बार-बार मुंबई आने-जाने, भारतीय पहचान पत्रों का होना और इंडोनेशिया के दो अलग-अलग नाम वाले पहचान पत्र मिलने से जांच एजेंसियों का शक और गहरा हो गया है। रात में एसएसबी ने उसे खोरीबाड़ी थाना पुलिस के हवाले कर दिया। आज उसे सिलीगुड़ी महकमा अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे पुलिस को पांच दिन की रिमांड पर सौंप दिया।



