जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य व नगर निकाय प्रशासन को लगाई फटकार
बुधवार से जलपाईगुड़ी नगर निगम क्षेत्र में सूअर उच्छेद अभियान शुरू
जलपाईगुड़ी। जिले में मच्छर जनित रोगों की बढ़ती घटनाओं को लेकर जिलाधिकारी शमा परवीन ने कड़ा रुख अपनाया है। नागरकाटा ब्लॉक के सुल्कापाड़ा क्षेत्र में जापानी इंसेफेलाइटिस और डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर उन्होंने ब्लॉक व स्वास्थ्य अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही जलपाईगुड़ी नगरपालिका को भी आवश्यक सक्चत कदम उठाने के निर्देश दिए गए। शनिवार को राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ वर्चुअल बैठक के बाद जिलाधिकारी ने अपने कार्यालय में जिले के स्वास्थ्य व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बुधवार से जलपाईगुड़ी नगरपालिका के सभी 25 वार्डों में सूअर उच्छेद अभियान शुरू होगा। नगरपालिका के उपाध्यक्ष सैकत चटर्जी ने बताया कि सोमवार से रात 10 बजे से 1 बजे तक शहर के बाजार क्षेत्र में विशेष रूप से कचरा साफ करने का अभियान भी चलाया जाएगा। हालांकि इस वर्ष अत्यधिक गर्मी के बावजूद कुछ हल्की वर्षा के कारण जगह-जगह पानी जमा हो रहा है, जिससे मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं। यह पानी घरों के भीतर ही नहीं बल्कि बाहर के हिस्सों में भी जमा हो रहा है, जिससे मच्छर जनित रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 1 जनवरी से 26 जुलाई तक जापानी इंसेफेलाइटिस के कुल 5 मामलों में 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से एक की मौत जलपाईगुड़ी नगरपालिका क्षेत्र में हुई है। पिछले वर्ष इस समय तक डेंगू के 7 मरीज पाए गए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 13 मरीज डेंगू से ग्रसित हुए हैं। पूरे जिले में डेंगू के कुल 200 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें सबसे अधिक नागरकाटा ब्लॉक प्रभावित है। नागरकाटा के सुल्कापाड़ा क्षेत्र में अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किए जाने के बावजूद यदि रोगों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, तो यह स्थिति चिंताजनक है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। जिले की चार नगरपालिकाओं में मच्छर जनित रोगों से प्रभावित और मृतकों के आंकड़ों में जलपाईगुड़ी नगरपालिका शीर्ष पर है। बैठक के दौरान, निगम के कार्यपालक अधिकारी उपस्थित थे, लेकिन उपाध्यक्ष सैकत चटर्जी को भी विशेष रूप से बुलाया गया। जिलाधिकारी ने उन्हें निर्देश दिया कि सूअरों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए और कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाए। डेंगू नियंत्रण के लिए नागरकाटा ब्लॉक को और जापानी इंसेफेलाइटिस रोकथाम के लिए जलपाईगुड़ी नगरपालिका को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जहां-जहां पानी जमा है उसे हटाने, सूअर बाहर ले जाने और नियमित कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक के तुरंत बाद उपाध्यक्ष सैकत चटर्जी ने मीडिया को बताया कि बुधवार से 25 वार्डों में सूअर उच्छेद अभियान चलाया जाएगा। सोमवार रात से बाजार क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, नगर क्षेत्र में मच्छर जनित रोगों का फैलाव हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय है और हम इसे लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। अतिरिक्त जिलाधिकारी धीमान बारुई ने यह जानकारी दी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जलपाईगुड़ी नगरपालिका को छोड़कर सभी ब्लॉकों, ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारियों, उपमंडल व जिला स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों को मच्छर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। घर-घर सर्वे कर जमा पानी हटवाया जा रहा है।