कर्सियांग। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ रविवार से हो गया। इसके साथ ही कर्सियांग क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों और पूजा स्थलों में देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। चारों ओर भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं ने मंदिरों और पूजा स्थलों में विधि-विधान से घट (कलश) स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष माता का आगमन हाथी पर हुआ है, जिसे अत्यंत शुभ और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। मंदिरों में अखंड ज्योति जलाने, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने और विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। पौराणिक कथा के अनुसार देवी दुर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध कर दसवें दिन उसका वध किया था। इसी विजय के प्रतीक के रूप में विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था के साथ एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाई जाती है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं और अष्टमी तथा नवमी को कन्या पूजन करते हैं। मान्यता है कि कलश स्थापना से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का आगमन होता है। नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही कर्सियांग और आसपास के क्षेत्रों में भक्तिमय वातावरण बन गया है।



