कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता और सिलीगुड़ी में संगठित मानव तस्करी और देह व्यापार रैकेट के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह रैकेट मुख्य रूप से बार-कम-रेस्तरां के माध्यम से संचालित होने का आरोप है। ईडी की कोलकाता जोनल यूनिट ने सुबह से ही बिधाननगर, कोलकाता और सिलीगुड़ी क्षेत्रों में यह सर्च ऑपरेशन शुरू किया। छापेमारी उन आरोपितों और संदिग्धों के परिसरों पर की गई, जिन पर इस अवैध नेटवर्क को चलाने का संदेह है। यह मामला पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा विभिन्न आरोपितों—जगजीत सिंह, अजमल सिद्दीकी, विष्णु मुंद्रा सहित अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर और दाखिल आरोपपत्रों पर आधारित है। ये मामले भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (आईटीपीए) के तहत दर्ज हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अनुसूचित अपराधों में शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लोग रोजगार का झांसा देकर कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं का शोषण करते थे तथा उन्हें देह व्यापार के लिए मजबूर किया जाता था, जिसके जरिए बड़ी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया जाता था। इन पैसों को नकद में इकट्ठा कर कई फर्जी या नियंत्रित कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने के भी प्रमाण मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह रकम कई करोड़ रुपये तक पहुंचती है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद पूरे रैकेट के नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन के व्यापक खुलासे की संभावना जताई जा रही है।



