सिलिगुड़ी टी ऑक्शन कमेटी की स्वर्ण जयंती पर बोले राजू बिष्ट
सिलिगुड़ी। सिलिगुड़ी टी ऑक्शन कमेटी (STAC) के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में दार्जिलिंग के सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट ने उत्तर बंगाल के चाय उद्योग के भविष्य और चाय श्रमिकों के कल्याण पर जोर दिया। STAC की स्थापना 1976 में हुई थी और पिछले पांच दशकों में यह उत्तर बंगाल के चाय व्यापार में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में विकसित हुई है।
तकनीक और बाजार विस्तार पर जोर
राजू बिष्ट ने कहा कि आने वाले 50 वर्षों के लिए चाय नीलामी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों का विस्तार करना और क्षेत्रीय ब्रांडिंग को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने बेहतर पैकेजिंग, नवाचार और वैल्यू-एडेड उत्पादों के जरिए चाय उद्योग को मूल्य श्रृंखला में आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
समारोह में STAC ऐप लॉन्च किए जाने का भी उल्लेख किया गया। बिष्ट के अनुसार, ऐप के माध्यम से खरीदारों और विक्रेताओं के बीच रियल-टाइम संपर्क को आसान बनाने में मदद मिलेगी।
चाय श्रमिकों के कल्याण को बताया प्राथमिकता
बिष्ट ने कहा कि चाय उद्योग की पूरी व्यवस्था में श्रमिकों से लेकर नीलामीकर्ताओं, खरीदारों और सरकार तक हर कड़ी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से महिला चाय श्रमिकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत चाय उद्योग के लिए श्रमिकों की आजीविका और सम्मान को मजबूत करना आवश्यक है।
चाय श्रमिक योजना का किया उल्लेख
उन्होंने प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने चाय श्रमिकों के कल्याण के लिए करीब 330 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सितंबर 2026 में पश्चिम बंगाल के लिए इस योजना के तहत करीब 330 करोड़ रुपये की मंजूरी की रिपोर्ट सामने आई थी।
बिष्ट ने बंद चाय बागानों को फिर से खोलने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का भी स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे हजारों चाय श्रमिकों तथा उनके परिवारों को लाभ मिलेगा।
50 वर्षों की विरासत
STAC ने पांच दशकों में सिलिगुड़ी को एक प्रमुख चाय व्यापार केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वर्ण जयंती समारोह को इसी विरासत के साथ चाय उद्योग के अगले चरण की दिशा तय करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।



