Friday, October 23, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी ने की प्रार्थना- ‘वायु, सूर्य और वरुण देव रहें कल्याणकारी’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह हमेशा की तरह एक्स पर सुभाषितम् के रूप में ”शं नो वातः पवतां शं नस्तपतु सूर्यः। शं नः कनिक्रदद् देवः पर्जन्योऽभिवर्षतु॥” श्लोक साझा किया। उन्होंने वायु, सूर्य और वरुण देव से कल्याण की प्रार्थना की।

यह श्लोक शुक्ल यजुर्वेद संहिता के 36वें अध्याय का 10वां मंत्र है। इस श्लोक में प्रकृति के विभिन्न तत्वों से मानव जाति और ब्रह्मांड के कल्याण की प्रार्थना की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जुड़ाव दर्शाते हुए इसे साझा किया।

इसका भावार्थ है, “हमारे लिए वायु कल्याणकारी, सुखद और शुद्ध होकर बहे। सूर्य देव हमारे लिए मंगलमय होकर तपे, अर्थात उनका ताप और प्रकाश हमें जीवन व ऊर्जा दे, विनाश न करे। दिव्य गर्जना करने वाले मेघ (पर्जन्य देव) हमारे ऊपर जीवनदायी व कल्याणकारी जल की वर्षा करें।”

इस मंत्र का महत्व यह दर्शाता है कि हमारे ऋषियों का दृष्टिकोण कितना वैज्ञानिक और प्रकृति-केंद्रित था। मानव जीवन पूरी तरह से स्वच्छ हवा, संतुलित धूप और समय पर होने वाली वर्षा पर निर्भर है। यदि प्रकृति का यह संतुलन बिगड़ जाए (जैसे वायु प्रदूषण, अत्यधिक गर्मी या सूखा/बाढ़) तो पूरी मानव सभ्यता संकट में आ सकती है। यह मंत्र हमें पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीने का संदेश देता है।

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