Saturday, September 5, 2026
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नेपाल त्रासदी : लापता भारतीयों की पहचान के लिए भारत में होगी डीएनए जांच, 1259 पहुंचा मौत का आंकड़ा

काठमांडो/नई दिल्ली: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,259 हो गई है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस त्रासदी के बाद प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और सदमे की स्थिति भी देखी जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। भारत भी नेपाल के साथ लगातार संपर्क में है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव मदद पहुंचा रहा है।
भारत ने नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री की एक और खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के दो C-130J विमान 21.5 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडो पहुंचे।
इस राहत सामग्री में जरूरी सामान के अलावा मेडिकल सप्लाई और फोरेंसिक किट भी शामिल हैं। इन संसाधनों का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता देने के साथ-साथ आपदा में मारे गए और बरामद किए गए अज्ञात शवों की पहचान में मदद के लिए किया जाएगा।
नेपाल में बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के बीच भारत सरकार ने उनकी पहचान में मदद के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत में मौजूद लापता लोगों के प्रथम श्रेणी के जैविक रिश्तेदारों का DNA प्रोफाइल तैयार कराया जाएगा।
इस प्रक्रिया में केंद्रीय और राज्य स्तर की फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के साथ राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) और DNA प्रोफाइलिंग की सुविधा वाली NABL से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की सेवाएं ली जा सकेंगी।
लापता भारतीयों की पहचान के लिए उनके प्रथम श्रेणी के जैविक रिश्तेदारों के नमूने लिए जा सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से: पिता या माँ, बेटा या बेटी, भाई या बहन इन जैविक नमूनों से तैयार DNA प्रोफाइल का इस्तेमाल नेपाल में मिले अज्ञात शवों की पहचान की प्रक्रिया में किया जा सकेगा।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल पुलिस की सलाह के अनुसार पहचान के लिए ऑटोसोमल STR DNA प्रोफाइलिंग कराई जा सकती है। इसके लिए नेपाल की ओर से निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी होगा।
तैयार DNA प्रोफाइल और नेपाल पुलिस की ओर से मांगी गई शुरुआती जानकारी संबंधित ईमेल पर भेजी जा सकती है। इस प्रक्रिया के लिए समन्वय और सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

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