कोलकाता: बंगाली सिनेमा के पर्याय और जनमानस के चहेते ‘महानायक’ उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में टॉलीगंज में चार दिवसीय भव्य श्रद्धांजलि समारोह ‘उत्तम स्मरणे’ की शुरुआत हुई। राज्य सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग तथा टॉलीवुड फिल्म उद्योग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह विशेष उत्सव 3 से 6 सितंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी और फिल्म जगत की शीर्ष हस्तियों के जमावड़े ने इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार बना दिया।
प्रमुख आकर्षण
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भव्य सिनेमाई उत्सव: 3 से 6 सितंबर तक चलने वाले इस मेगा इवेंट में उत्तम कुमार के सुनहरे सफर, उनकी यादगार फिल्मों की स्क्रीनिंग, प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बंगाली सिनेमा के स्वर्णिम दौर को जीवंत किया जा रहा है।
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‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री का नमन: हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में महानायक के संघर्ष और अप्रतिम सफलता को याद किया था। पीएम ने सत्यजीत रे की कालजयी फिल्म नायक का जिक्र करते हुए कहा कि रे ने यह पटकथा खास तौर पर उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी।
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शुरुआती संघर्ष से महानायक का मुकाम: करियर के शुरुआती दौर में कई झटके झेलने के बावजूद उत्तम कुमार ने अपनी संवाद अदायगी, सहज अभिनय और करिश्माई स्क्रीन प्रेजेंस से पूरे देश को मुग्ध किया। अभिनेत्री सुचित्रा सेन के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित जोड़ियों में गिनी जाती है।
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संस्कृति के अमर हस्ताक्षर: रोमांटिक भूमिकाओं से लेकर गंभीर किरदारों तक, उत्तम कुमार केवल एक सितारे तक सीमित न रहकर बंगाली अस्मिता और जनचेतना का अभिन्न हिस्सा बन गए।
दशकों बाद भी नई पीढ़ियों के दिलों पर महानायक का जादू उसी तरह कायम है, और टॉलीगंज का यह आयोजन साबित करता है कि उत्तम कुमार बंगाली सिनेमा का अतीत नहीं, बल्कि उसकी जीवंत पहचान हैं।



